'ब्लैक स्नैक केव' का वह अंतिम छोर अब किसी साधारण गुफा का हिस्सा नहीं लग रहा था। वह बैंगनी चमक, जो मलबे के नीचे दबी थी, किसी निर्जीव वस्तु की तरह नहीं, बल्कि एक धड़कते हुए दिल की तरह स्पंदन कर रही थी। उस रोशनी में एक अजीब सा आकर्षण था—एक ऐसा खिंचाव जो रूह को शरीर से बाहर खींचने की ताकत रखता था।
ज़ियान के कदम अनजाने में ही उसकी ओर बढ़ रहे थे। उसकी सांसें भारी हो गई थीं। यह वही अहसास था जो उसने 'शून्य' (The Void) में महसूस किया था—ठंडा, अनंत और अकेला।
"क्या यह... तुम हो?" ज़ियान का गला रूंध गया। उसके हाथ कांप रहे थे।
जैसे ही उसकी उंगलियों ने उस ठंडी, बैंगनी रोशनी को छुआ, वक्त मानो थम सा गया। गुफा की दीवारों से टकराती हवा की आवाज़ बंद हो गई। ज़ियान की रगों में दौड़ता खून जम गया।
अचानक, उसके दिमाग में एक तेज़ धमाका हुआ।
[चेतावनी! चेतावनी! चेतावनी!]
ज़ियान के सामने मौजूद नीली सिस्टम स्क्रीन, जो अब तक स्थिर और शांत थी, अब किसी तूफान में फंसी नाव की तरह डगमगाने लगी। शब्दों का एक बेतरतीब जाल स्क्रीन पर फैल गया।
[वस्तु की पहचान: सुया का सोल फ्रैगमेंट (Suya's Soul Fragment)]
[ऊर्जा स्तर: अनन्त (Infinite)]
[सिस्टम त्रुटि (System Error): 404...]
[विश्लेषण: 'डबल रिवॉर्ड' (Double Reward) प्रोटोकॉल सक्रिय करने का प्रयास...]
[विफलता! विफलता! विफलता!]
सिस्टम की मशीनी आवाज़, जो हमेशा सपाट रहती थी, अब फट रही थी।
[तर्क दोष: एक आत्मा अद्वितीय है। इसे गणितीय रूप से दोगुना नहीं किया जा सकता। विरोधाभास के कारण सिस्टम क्रैश हो रहा है...]
कड़क!
ज़ियान की आँखों के सामने एक अकल्पनीय दृश्य हुआ। वह नीली डिजिटल स्क्रीन, जिसे वह अपनी अब तक की सबसे बड़ी ताकत मानता था, उसके सामने कांच की तरह चटक गई। नीले पिक्सेल हवा में बिखर गए और अंधेरे में विलीन हो गए।
कुछ पल के लिए, वहां सिर्फ सन्नाटा था। ज़ियान घुटनों के बल गिर पड़ा, अपना सिर पकड़कर। क्या सिस्टम खत्म हो गया? क्या सुया का अंश सिस्टम को बर्दाश्त नहीं कर पाया?
लेकिन तभी, अंधेरे के गर्भ से एक नई रोशनी उभरी। यह नीली नहीं थी। यह गहरा, गाढ़ा लाल रंग था—जैसे जमा हुआ खून।
टूटी हुई स्क्रीन के टुकड़े वापस जुड़े, लेकिन इस बार उनका स्वरूप बदल चुका था। नई स्क्रीन से एक खौफनाक लाल आभा निकल रही थी, और उस पर लिखे शब्द अब मशीन के नहीं, बल्कि नियति के आदेश लग रहे थे।
[सिस्टम रिबूट पूर्ण: 'इटरनल सोल-लिंक' (Eternal Soul-Link) का वास्तविक स्वरूप सक्रिय।]
[नया इंटरफेस: 'रक्त-वर्ण प्रतिज्ञा' (Blood Oath Interface)]
ज़ियान ने धीरे से सिर उठाया। उसके सामने अब एक लाल विंडो खुली थी। इसमें कोई लेवल या अनुभव अंक (XP) नहीं थे। इसके बजाय, वहां एक वृत्ताकार चक्र (Circular Wheel) था, जिसमें दस खाली खांचे (Slots) बने हुए थे।
[मुख्य मिशन (Main Quest): सुया का पुनर्जन्म (The Resurrection of Suya)]
[प्रगति: 1/10]
ज़ियान के हाथ में मौजूद वह बैंगनी रोशनी, एक तरल पदार्थ की तरह पिघलकर उसके सीने में समा गई। उसे लगा जैसे किसी ने उसके दिल के पास बर्फ का टुकड़ा रख दिया हो। चक्र का पहला खांचा एक मध्यम बैंगनी रोशनी के साथ भर गया।
ज़ियान ने अपनी आँखें बंद कर लीं, उम्मीद में कि शायद... शायद उसे सुया की आवाज़ सुनाई देगी। शायद वह उसे पुकारेगी, या शायद उनकी कोई पुरानी याद उसकी आंखों के सामने झिलमिलाएगी। वह उस एक पल के लिए अपनी पूरी दुनिया देने को तैयार था।
एक सेकंड बीता... दस सेकंड बीते... एक मिनट बीता।
सन्नाटा।
एक ऐसा सन्नाटा जो किसी चीख से भी ज़्यादा दर्दनाक था। सुया का वह हिस्सा उसके भीतर था, लेकिन वह खामोश था। कोई याद नहीं, कोई एहसास नहीं। वह बस एक बंद तिजोरी की तरह था जिसकी चाबी खो गई हो।
"तुम कुछ बोलती क्यों नहीं?" ज़ियान फुसफुसाया, उसकी आँखों से एक भी आंसू नहीं गिरा, क्योंकि उसकी रूह रो रही थी। "क्या मैं अभी भी तुम्हारे लिए काफी नहीं हूँ?"
तभी लाल स्क्रीन पर एक नया नोटिफिकेशन उभरा, जिसने ज़ियान का ध्यान खींचा।
[नोट: सोल फ्रैगमेंट सुरक्षित है, लेकिन निष्क्रिय (Dormant) है। यादें और चेतना तभी लौटेंगी जब सभी 10 टुकड़े एक साथ जुड़ जाएंगे।]
ज़ियान ने अपने दांत भींच लिए। "तो यह शर्त है... मुझे उसे पूरा करना होगा।"
[पुरस्कार प्राप्त: 'सोल फ्रैगमेंट डिटेक्टर' (Soul Fragment Detector)]
[श्रेणी: प्राचीन (Ancient) | स्थिति: 0% चार्ज]
ज़ियान की हथेली पर तांबे और काले पत्थर से बना एक पुराना कम्पासनुमा यंत्र प्रकट हुआ। उसकी सुई स्थिर थी। सिस्टम ने इसके उपयोग के नियम ज़ियान के दिमाग में सीधे डाल दिए:
चार्जिंग विधि 1 (प्राकृतिक): यह यंत्र वातावरण में मौजूद 'Qi' को अपने आप सोखता रहेगा।
अनुमानित समय: एक पूर्ण चार्ज के लिए 10 साल।
चार्जिंग विधि 2 (रक्त-दान): होस्ट (ज़ियान) अपनी स्वयं की अर्जित 'Qi' को सीधे यंत्र में डाल सकता है।
जोखिम: यह प्रक्रिया होस्ट के कल्टीवेशन बेस को अस्थिर कर सकती है और शारीरिक कमजोरी ला सकती है।
"दस साल?" ज़ियान ने व्यंग्य से हंसा। "दस साल में तो मेरी हड्डियाँ भी मिट्टी बन जाएंगी। मेरे पास इतना वक्त नहीं है।"
उसने तुरंत 'विधि 2' का परीक्षण करने का निर्णय लिया। उसने अपनी नई 'फर्स्ट-क्लास' ऊर्जा का एक छोटा सा हिस्सा उस डिटेक्टर में प्रवाहित किया।
जैसे ही उसकी ऊर्जा यंत्र में गई, यंत्र भूखा जानवर बन गया। उसने ज़ियान की ऊर्जा को एक झटके में खींच लिया। ज़ियान का चेहरा पीला पड़ गया, उसके माथे पर पसीना आ गया और उसे लगा जैसे उसके पैरों से जान निकल गई हो।
[डिटेक्टर चार्ज: 1%]
ज़ियान ने हाँफते हुए यंत्र को वापस रखा। "सिर्फ 1 प्रतिशत? और मेरी इतनी ताकत चली गई?" उसे समझ आ गया कि सुया को वापस लाना मुरीम की सबसे कठिन परीक्षा होने वाली है। उसे लड़ते रहना होगा, ऊर्जा कमाते रहना होगा, और उसे इस यंत्र को खिलाते रहना होगा—चाहे वह खुद कितना भी खोखला क्यों न हो जाए।
तभी, स्क्रीन के कोने में एक छोटा, लेकिन बेहद महत्वपूर्ण संदेश चमका:
[सुराग: शून्य (Void) की शक्ति को समझने और अगले फ्रैगमेंट की दिशा के लिए 'Legend of Void' (शून्य की गाथा) नामक पुस्तक खोजें।]
"शून्य की गाथा..." ज़ियान ने मन ही मन दोहराया। "यह किताब ज़रूर हेवनली सोर्ड सेक्ट की 'वर्जित लाइब्रेरी' (Forbidden Library) में होगी। वहां जाने के लिए मुझे 'इनर डिसाइपल' (Inner Disciple) बनना होगा।"
उसने अपनी मुट्ठी कसी। उसका लक्ष्य साफ था।
ज़ियान ने अपने फटे हुए कबाड़ची के कपड़ों को झाड़ा। उसने अपनी आभा (Aura) को दोबारा 'सील' किया, ताकि वह फिर से एक कमज़ोर बच्चा दिखाई दे। वह गुफा के निकास द्वार की ओर बढ़ा।
जैसे ही वह गुफा के मुहाने पर पहुँचा, बाहर की ठंडी हवा ने उसके चेहरे को स्पर्श किया। लेकिन हवा के साथ-साथ, उसे कई लोगों की उपस्थिति भी महसूस हुई।
गुफा के बाहर, झाड़ियों के पीछे, सेक्ट के तीन सीनियर शिष्य (Outer Disciples) खड़े थे। उनकी आँखों में लालच था। उन्होंने गुफा के अंदर से आती उस बैंगनी और लाल रोशनी को देख लिया था।
"अरे देखो," उनमें से सबसे बड़ा, जिसके चेहरे पर एक लंबा निशान था, हंसते हुए बोला। "यह तो वही कचरा उठाने वाला लेबर डिसाइपल है। मुझे लगा कोई बीस्ट होगा।"
दूसरे शिष्य ने अपनी तलवार पर हाथ रखा। "ए कीड़े! अंदर क्या कर रहा था? जो भी चमकती चीज़ तुझे मिली है, चुपचाप हमारे हवाले कर दे, और हम शायद तुझे ज़िंदा जाने देंगे।"
ज़ियान रुका। उसने अपना सिर उठाया। उसकी आँखों में अब सुया के लिए दुख नहीं था। वहां वह 'शून्य' था जिसे उसने अपनाया था।
"ज़िंदा जाने दोगे?" ज़ियान की आवाज़ बहुत धीमी, लेकिन बर्फ से भी ज्यादा ठंडी थी। "तुमने गलत समझा। मैं यहाँ फंसा नहीं हूँ... तुम मेरे साथ यहाँ फंसे हो।"
हवा में तनाव इतना बढ़ गया कि सूखी पत्तियां भी सरसराना भूल गईं। शिकार और शिकारी की भूमिका बदलने वाली थी।
