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Chapter 46 - अध्याय 46: मौत का अखाड़ा और लोहे का सिर

रसातल की जेल (Abyss Prison) में समय का कोई महत्व नहीं था। यहाँ सिर्फ दो पहर होते थे—यातना का समय और मौत का समय।

​जेल के सायरन बजने लगे। यह खाने का समय नहीं था, यह 'छंटनी' (The Culling) का समय था।

​एक विशालकाय होलोग्राफिक स्क्रीन हवा में तैरने लगी। उस पर जेल के मुख्य वार्डन, 'कमांडर क्रूगर', का चेहरा दिखाई दिया। वह एक साइबरनेटिक आँख वाला क्रूर व्यक्ति था।

​"कीड़ों!" क्रूगर की आवाज़ हर सेल में गूंजी। "लेयर 9 की आबादी बहुत बढ़ गई है। हमारे पास तुम कचरे को खिलाने के लिए राशन कम पड़ रहा है। इसलिए... आज रात 'डेथ मैच' होगा।"

​कैदियों के चेहरों का रंग उड़ गया। डेथ मैच का मतलब था—जब तक आधे लोग मर नहीं जाते, लड़ाई नहीं रुकेगी।

​"नियम सरल हैं," क्रूगर ने अपनी वाइन की चुस्की ली। "जो भी लेयर 9 का 'बॉस' बनेगा, उसे अगले हफ्ते का राशन और मेरी सुरक्षा मिलेगी। बाकी सब... एक-दूसरे को मारो।"

​चुनौती (The Challenge)

​लेयर 9 का केंद्रीय हॉल एक बड़े अखाड़े में बदल गया। हज़ारों खूंखार कैदी जमा थे, लेकिन कोई भी लड़ने की हिम्मत नहीं कर रहा था। सबकी निगाहें हॉल के बीच में खड़े दो गुटों पर थीं।

​एक तरफ विक्रम था। वह एक टूटे हुए पत्थर के खंभे पर शान से बैठा था। उसके बगल में एलारा थी, और उसके पैरों के पास उसका 'वॉयड-शैडो वुल्फ' (छाया भेड़िया) सो रहा था, जिससे खतरनाक काली आभा निकल रही थी।

​दूसरी तरफ 'आयरन-हेड' (Iron-Head) था।

​आयरन-हेड एक राक्षस जैसा इंसान था। उसकी ऊंचाई 8 फीट थी और उसकी पूरी त्वचा काले धातु (Black Metal) की तरह चमक रही थी। कहा जाता था कि उसने 'स्टील-राइनो' (Steel Rhino) का जीन खाया था, जिससे उसका शरीर अभेद्य हो गया था। उसके पीछे 500 से ज्यादा गुंडे खड़े थे।

​"तो तू है वो नया चूहा?" आयरन-हेड ने अपनी भारी गदा (Mace) ज़मीन पर मारी। धड़ाम! पत्थर के टुकड़े उड़ गए। "सुना है तूने मेरे आदमी स्कारफेस को डराया? और खुद को 'नया बॉस' घोषित कर दिया?"

​विक्रम ने अपनी आँखें नहीं खोलीं। वह अपने भेड़िये की गर्दन सहला रहा था।

​"मैंने डराया नहीं," विक्रम ने शांत स्वर में कहा। "मैंने बस उसे उसकी औकात दिखाई। और अब... तुम्हारी बारी है।"

​भीड़ में सन्नाटा छा गया। आयरन-हेड को ऐसी बात बोलने की हिम्मत आज तक किसी ने नहीं की थी।

​आयरन-हेड का चेहरा गुस्से से लाल हो गया। "तू मेरी औकात दिखाएगा? मैं तुझे कुचलकर तेरी चटनी बना दूँगा!"

​"आक्रमण!" आयरन-हेड चिल्लाया। उसके 500 गुंडे एक साथ विक्रम की ओर दौड़े।

​एलारा ने घबराकर अपना धनुष (जो उसने हड्डियों से बनाया था) ताना। "मास्टर, वे बहुत ज्यादा हैं!"

​विक्रम ने अपनी आँखें खोलीं। वे रसातल से भी गहरी काली थीं।

​"शैडो (Shadow)," विक्रम ने अपने भेड़िये को आदेश दिया। "दावत का समय है।"

​एकतरफा कत्लेआम (One-Sided Massacre)

​वॉयड-शैडो वुल्फ दहाड़ा नहीं। वह बस गायब हो गया।

​अगले ही पल, आयरन-हेड के गुंडों की परछाइयां (Shadows) जीवित हो गईं।

​खचाक! खचाक! खचाक!

​भेड़िया ज़मीन के अंदर से छाया बनकर निकला और बिजली की गति से दुश्मनों को काटने लगा। गुंडों को समझ ही नहीं आ रहा था कि हमला कहाँ से हो रहा है। वे अपनी ही परछाई से डर रहे थे।

​एक मिनट के अंदर, 50 से ज्यादा गुंडे जमीन पर तड़प रहे थे। बाकी डर के मारे पीछे हट गए।

​विक्रम खंभे से नीचे कूदा और धीरे-धीरे आयरन-हेड की ओर बढ़ा।

​"तेरी सेना तो गई," विक्रम ने कहा। "अब सिर्फ मैं और तुम।"

​आयरन-हेड ने देखा कि उसका मनोबल टूट रहा है। उसने अपनी गदा उठाई। "मुझे सेना की ज़रूरत नहीं है! मेरा शरीर ही सबसे बड़ा हथियार है!"

​[म्यूटेंट जीन क्षमता: टाइटैनियम स्किन (Titanium Skin)]

​आयरन-हेड का शरीर चांदी की तरह चमकने लगा। वह एक चलते-फिरते टैंक जैसा बन गया। वह पूरी ताकत से विक्रम पर झपटा।

​उसकी गदा विक्रम के सिर पर गिरने वाली थी।

​भीड़ चिल्लाई। "खत्म!"

​लेकिन विक्रम हिला नहीं। उसने अपना बायां हाथ ऊपर उठाया।

​टिंग!

​एक धातु के टकराने की आवाज़ आई।

​विक्रम ने उस विशालकाय गदा को एक हाथ से रोक लिया था। उसके पैरों के नीचे की ज़मीन धंस गई, लेकिन विक्रम सीधा खड़ा रहा।

​"क्या?" आयरन-हेड की आँखें बाहर निकल आईं। "असंभव! मेरी ताकत 800 पाउंड से ज्यादा है!"

​विक्रम ने गदा को कसकर पकड़ा। उसकी उंगलियों से 'वॉयड एनर्जी' (काली बिजली) निकलने लगी।

​"सिर्फ 800?" विक्रम ने उपहास किया। "पाताल लोक में, यह बच्चे का खेल है।"

​विक्रम ने गदा को एक झटके में छीन लिया और उसे आयरन-हेड के ही सीने पर दे मारा।

​बोंग!

​आयरन-हेड पीछे उड़ा, लेकिन उसे ज्यादा चोट नहीं आई। उसकी 'टाइटैनियम स्किन' ने उसे बचा लिया।

​वह खड़ा हुआ और हंसा। "हाहाहा! बेकार है! तू मुझे चोट नहीं पहुँचा सकता! मेरी खाल हीरे से भी सख्त है!"

​विक्रम ने गदा फेंक दी।

​"हीरा?" विक्रम ने अपनी 'एबिस ट्राइडेंट' (त्रिशूल) को समन (Summon) नहीं किया। उसे अपनी शारीरिक सीमाओं को परखना था।

​"चलो देखते हैं कि क्या मेरा 'भूकंप मुक्का' (Quake Punch) तुम्हारा लोहा तोड़ सकता है।"

​विक्रम ने 'चौथा जीन: पृथ्वी' (Earth Gene) सक्रिय किया। उसके दाहिने हाथ पर हरे क्रिस्टल का कवच बन गया।

​उसने 'फैंटम स्टेप्स' का उपयोग किया और पलक झपकते ही आयरन-हेड के ठीक सामने प्रकट हुआ।

​"अर्थ-शेकर पंच! (Earth-Shaker Punch!)"

​विक्रम का मुक्का आयरन-हेड के पेट में लगा।

​पहले एक सेकंड के लिए कुछ नहीं हुआ। आयरन-हेड मुस्कुराया।

​लेकिन फिर... उसके पीठ के पीछे से एक शॉकवेव (Shockwave) निकली।

​कड़क... कड़क... क्रैक!

​आयरन-हेड की 'टाइटैनियम स्किन' पर दरारें पड़ने लगीं। उसकी मुस्कान गायब हो गई। उसकी आँखों से खून निकलने लगा।

​विक्रम के मुक्के ने बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से हमला किया था (Internal Impact)।

​"आह्ह्ह्ह्ह!" आयरन-हेड ने खून की उल्टी की और घुटनों के बल गिर पड़ा। उसका 'अभेद्य' शरीर अब कांच की तरह टूट रहा था।

​विक्रम ने उसके सिर पर अपना पैर रखा।

​"लोहा चाहे कितना भी सख्त हो," विक्रम ने कहा, "हथौड़ा अगर सही हो, तो आकार बदल ही देता है।"

​पूरे हॉल में सन्नाटा छा गया। जो कैदी विक्रम को मारने आए थे, अब वे उसे भगवान की तरह देख रहे थे।

​"जीत गया! डॉलर जीत गया!" किसी ने चिल्लाया, और फिर पूरा हॉल नारों से गूंज उठा।

​वार्डन क्रूगर, जो स्क्रीन पर देख रहा था, उसने अपनी वाइन का गिलास रख दिया।

​"दिलचस्प," क्रूगर ने कहा। "इस लड़के को 'लेयर 9' में रखना बर्बादी है। इसे 'स्पेशल जोन' में डालो। मुझे देखना है कि यह 'बीस्ट किंग' के सामने कितनी देर टिकता है।"

​जंजीरों में जकड़ा गुरु (The Chained Mentor)

​जीत के बाद, विक्रम को एक अलग, अंधेरे कोने में आराम करने की जगह मिली। कैदी अब उसके पास आने से भी डरते थे।

​विक्रम अपनी ऊर्जा को पुनः प्राप्त (Recover) कर रहा था।

​"हे लड़के..."

​अंधेरे से एक कमज़ोर, खड़खड़ाती हुई आवाज़ आई।

​विक्रम ने तुरंत अपनी आंखें खोलीं। एलारा सो रही थी, लेकिन विक्रम सतर्क हो गया।

​कोने में, जहाँ रोशनी भी नहीं पहुँचती थी, एक बूढ़ा आदमी जंजीरों से लटका हुआ था। उसके बाल लंबे और सफेद थे, और उसका शरीर हड्डियों का ढांचा मात्र रह गया था। उसकी जंजीरें सामान्य लोहे की नहीं थीं, वे 'स्पिरिट-लॉकिंग' धातु से बनी थीं।

​"तुमने अच्छी लड़ाई लड़ी," बूढ़े ने खांसते हुए कहा। "लेकिन तुम्हारा तरीका... बहुत कच्चा है। तुम 'वॉयड' (शून्य) का उपयोग कर रहे हो, लेकिन तुम उसे बस एक हथौड़े की तरह इस्तेमाल कर रहे हो।"

​विक्रम चौकन्ना हो गया। "तुम कौन हो? और तुम्हें मेरी शक्ति के बारे में कैसे पता?"

​बूढ़ा हंसा। "कौन हूँ? लोग मुझे भूल चुके हैं। लेकिन सौ साल पहले... जब 'पहला अभयारण्य' बना था, तब मुझे 'शून्य का तलवारबाज' (Sword Saint of Void) कहा जाता था।"

​विक्रम के रोंगटे खड़े हो गए। स्वॉर्ड सेंट? सौ साल पहले?

​"तुम झूठ बोल रहे हो," विक्रम ने कहा। "अगर तुम इतने महान थे, तो यहाँ इस हाल में क्यों हो?"

​"क्योंकि मैंने देवताओं को चुनौती दी थी," बूढ़े की आँखों में एक भयानक चमक आई। "और उन्होंने मुझे यहाँ सड़ने के लिए छोड़ दिया। लेकिन तुम... तुम्हारे अंदर मैंने वही 'शून्य' देखा जो मेरे पास था। लेकिन तुम्हारे पास कुछ और भी है... 'आत्मा' (Soul)।"

​बूढ़े ने अपनी जंजीरें हिलाईं।

​"लड़के, क्या तुम यहाँ से निकलना चाहते हो? क्या तुम उस 'आकाशीय आँख' (Celestial Eye) से बदला लेना चाहते हो जिसने तुम्हें यहाँ भेजा?"

​विक्रम उसके पास गया। "हां। मुझे बस रास्ता चाहिए।"

​"रास्ता नहीं," बूढ़े ने कहा। "तुम्हें तकनीक चाहिए। मेरी तकनीक। 'नाइन स्टेप्स ऑफ द वॉयड' (Nine Steps of the Void)। अगर तुम इसे सीख लो, तो तुम इस जेल की दीवारों को नहीं, बल्कि अंतरिक्ष (Space) को ही काट सकते हो।"

​"बदले में क्या चाहिए?" विक्रम ने पूछा। दुनिया में कुछ भी मुफ्त नहीं मिलता।

​बूढ़े ने एक सूखी मुस्कान दी।

​"बदला। जब तुम बाहर निकलो... तो मेरे बेटे को ढूंढना। उसने मुझे धोखा दिया और मुझे यहाँ कैद करवाया। उसका नाम है... सम्राट एशबोर्न (Emperor Ashborn)।"

​विक्रम सन्न रह गया। एशबोर्न? वह 'दूसरे अभयारण्य' का वर्तमान शासक था!

​"तुम चाहते हो कि मैं पूरी दुनिया के राजा को मारूँ?" विक्रम मुस्कुराया। "मंजूर है। वैसे भी मुझे राजाओं को मारने की आदत है।"

​बूढ़े ने अपनी उंगली विक्रम के माथे पर रखी।

​[सिस्टम अलर्ट: पौराणिक (Legendary) विरासत का हस्तांतरण शुरू!]

[गुप्त तकनीक प्राप्त: नाइन स्टेप्स ऑफ द वॉयड।]

​विक्रम के दिमाग में जानकारी का एक तूफान आ गया। उसे लगा जैसे उसका सिर फट जाएगा, लेकिन साथ ही उसे एक नया रास्ता भी दिखाई दिया—जेल से बाहर निकलने का रास्ता।

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