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Chapter 1 - ek ladki ki kahani

Samaj ma ladkiyo ko hak to diya per aajadi nhi , Vo aaj bhi ghut - ghut kar jiti hai dar kar rah ti hai , asi hi ek ladki thi jiska nam priya hai , jo apne bachpan madi to bhot khush thi kyoki tab koi chinta nhi thi , asli zindgi to 14 sal ka bad shuru ho ti hai ! Dosto ki kami to Ode bachpan mai bhi khalti thi lakin fir bhi etna mahsus nhi hota tha , 14 sal ki umar ma vah pyar mai pad gyi shayad yah oski life ki sabse badi galti thi jo oski life kharab kar sakti thi par vah nadan thi use nhi pta tha ki uske sath kya hoga use kya krna chahiye kya nhi etni samj nhi thi abhi , priya to use ladke sa bahut pyar krti thi Or use aisa lagta tha ki vah ladka bhi use bhot pyar krta h par esa nhi tha uss ladke ko priya sa koi lagav nhi tha vah to priya sa matlab nikal raha tha , priya bhi uske pyar mai etni pagal ho chuki thi ki pad ka jo bolta priya vahi krti , unka reletion 7-8 mahine tak raha , priya ka sath sath vah ladka Or bhi ladkiyo ka sath reletion ma tha per priya es bat sa anjan thi use to bad yahi Tha ki Vo ladka sirf use hi pyar krta h , priya na Vo sab kiya jo us ladke na kaha fir ladke na dhire dhire priya sa duri bna li hor ek din vah chhod ka chala gya per priya Ose Bhul na saki लड़के की शादी हो गई पर प्रिया के दिल में था कि काश वो अभी भी उससे बात करेगा उसने कॉल की तो कॉल लड़के की पत्नी ने उठाया और उसने प्रिया को बहुत कुछ सुनाया उसके बाद प्रिया ने ना तो कभी कॉल की प्रिया की मां को भी इस बात का पता चल गया मां ने अपने बेटे की हालत देखकर उसे डांटने की बजाय समझाया फिर प्रिया उदास से ही रहने लगी इस बीच उसने स्प्रे पीकर मरने की भी कोशिश की पर वक्त से उसके परिवार वालों ने उसे संभाल लिया नहीं तो आज प्रिया हमारे बीच ना होती 15 दिन तक हॉस्पिटल रही उसके बचने के कोई चांस नहीं थे वह 15 दिन उसकी जिंदगी के बहुत बुरे दिन थे एक ऐसे लड़के के लिए वह मर रही थी जिसे उसकी फिक्र तक नहीं थी उसे लड़के को तो शायद आज तक यह भी नहीं पता होगा कि प्रिया ने इसके लिए क्या कुछ नहीं किया लेकिन भगवान की दुआ से वह बच गई उसे वक्त उसकी उम्र सिर्फ 15 साल की थी उसे हंसने के बाद प्रिया का परिवार उससे नफरत करने लगे चाहे एक लड़के की जिंदगी में कितनी भी परेशानियां क्यों ना हो वह सहन कर लेती है लेकिन जब उसका परिवार ही उससे नफरत करे तब वह सह नहीं पाती धीरे-धीरे वह जैसे-तैसे अपनी लाइफ में आगे बढ़ रही थी 12वीं कक्षा में आते हैं उसे फिर से प्यार हो गया वह पहले वाला सब कुछ भूल चुकी थी और अपनी जिंदगी फिर से शुरू करना चाहती थी वह लड़का भी उससे बहुत प्यार करता था उसे प्रिया से शादी करनी थी लड़के ने प्रिया के लिए अपने परिवार को मना भी लिया लेकिन प्रिया को पता था कि उसका परिवार कभी नहीं मानेगा क्योंकि दोनों की जाती नहीं मिलती थी लेकिन फिर भी लड़के का परिवार प्रिया पर दबाव डालने लगा कि तुम अपने घर में बात करो नहीं तो बात करना बंद कर दो प्रिया बात करना बंद नहीं कर सकती थी उसने जैसे-तैसे अपने घर पर बात की पर हुआ वही जिसे प्रिया को डर था उसके घर के नहीं माने और उसे फोन देना भी बंद कर दो ताकि वह बात ना कर सके धीरे-धीरे प्रिया ने अपने दिल को समझ लिया कि उसकी जिंदगी में प्यार के लिए कोई जगह नहीं इसी बीच प्रिया की सबसे अच्छी दोस्त भी उसे छोड़कर चली गई और उसे लड़के जिससे प्रिया प्यार करती थी उसका परिवार भी प्रिया को उसे लड़के से बात नहीं करने दे रहे थे तो लड़के ने भी कह दिया कि घर पर बात कर लेगी तभी बात करूंगा घर के नहीं मान रहे तो हमें बात नहीं करनी चाहिए वह कहते हैं ना वक्त आने पर सब बदल जाते हैं बस कुछ ऐसा ही प्रिया के साथ भी हो रहा था वक्त आने पर उसके सभी अपने बदल गए वह अपने परिवार से ज्यादा जीती तो नहीं कर सकती थी उसकी जिंदगी खालीपन से भर चुकी थी जहां उसका साथ देने वाला कोई न था पर उसने अकेले रहना सीख लिया था इतनी छोटी सी उम्र में उसने बहुत कुछ बड़ा सबक सीख लिया उसके जिंदगी आंसुओं से भर गई थी पर उसके आंसू पहुंचने वाला कोई नहीं था अकेला का तो खुदा भी साथ नहीं देता उसने सोच लिया था कि ना तो वह कभी किसी से प्यार करेगी और ना ही किसी को अपना अच्छा दोस्त बनाएंगी ऐसे ही अकेले उसकी जिंदगी गुजरती रहे अब उसने चुप रहना सीख लिया था ना किसी से ज्यादा बोलता और ना ही किसी से ज्यादा गलती मिलती धीरे-धीरे वह सब से दूर जाती गई जिंदगी ने उसे एक बार नहीं दो बार हराया था और अब वह एक बार और नहीं हारना चाहती ऐसे हंसते खेलते लड़की की जिंदगी प्यार हो जाने के बाद खत्म हो जाती है कलयुग के दौर में ऐसा कोई नहीं जो दिल से आपको अपना मानता हो तब ऊपरी दिखावा करते हैं वक्त आने पर सब बदल जाते हैं प्रिया को उसके बाद ना तो कभी किसी से प्यार हुआ और ना ही उसने कभी किसी को चाहा वह अब अपनी जिंदगी में कामयाबी की तरफ बढ़ रही है अब उसका यही मानना है कि अगर जिंदगी में कामयाबी होगी तो प्यार दोस्ती में परिवार का प्यार सब मिलेगा इसलिए लड़कियों को अपनी लाइफ में सिर्फ कामयाबी हासिल करनी चाहिए बाकी सब उन्हें खुद मिल जाता है और ऐसे ही प्रिया आज अपनी लाइफ खुशी से बिता रही है

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