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Chapter 1 - bharosa

एक शहर में दो दोस्त रहा करते थे एक दिन दोनों सोचते हैं कि, बहुत दिन हो गया हम कहीं घुमने नहीं गए फिर दूसरे दिन कहीं घुमने जाने का सोचते हैं वे लोग सोचते हैं कि हम गांव घुमने जायेंगे और फिर दोनों किसी गांव में घुमने जाते हैं वे लोग एक छोटे से गांव में घूमते हैं जहां वे लोग 2 दिन रुकते हैं फिर एक दिन अचानक घुमते हैं और उनके पास में ही एक बड़ा सा जंगल दिखाई देता है जो गांव के थोड़ी दूर पड़ता है दोनों वहां जाने का सोचते हैं वे लोग गांव वाले से पूछते हैं कि वहां जंगल कैसा है वहां बहुत सुंदर फूल लगे हुए हैं गांव का ही वासी सोहन बोलता है कि यह जंगल बहुत ही खतरनाक है वहां बड़े खतरनाक जानवर और भूत प्रेत रहते हैं वहां कभी मत जाइएगा सोहन बोलता है कि आप दोनों का क्या नाम है वो दोनों अपना नाम बताते हैं मेरा नाम वैभव है और ये मेरा दोस्त वैशु हैं फिर वह दोनों एक दूसरे पर देखते हैं और बहुत जोर से हंसते हैं और बोलते हैं कैसे लोग हैं पुरानी सोच आज भी भूत प्रेत पर मानते हैं और बोलते हैं कि हम लोग तो वहां जाग कर रहेंगे अरे गांव वाले बोलते हैं कि हम तुम लोगों को वहां नहीं जाने देंगे वर्ना भूत नाराज हो जाएगा और हम सबको मार देगा फिर वैभव और वैशु सोचते हैं कि हम लोग रात को जाएंगे, सबसे छुपकर जाएंगे, किसी को नहीं बताएंगे

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