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Chapter 1 - रानी यामिनी पर बुरी नज़र यामिनी तंत्र: एपिसोड 1

Yamini tantra part 1

​किसी ज़माने में एक रानी यामिनी हुआ करती थी.. और वह अपने घोड़े पर सवार होकर अपने एक सन्तान नन्हा सा मुन्ना राजकुमार केशव को घुमाने के लिए अपने साथ घोड़े पर बैठ कर सफर करने जा रही थी.. अपने राज्य से भी दूर.. तभी उसे बीच में सफर करते-करते.. रानी यामिनी के पुत्र केशव को बहुत जोरदार प्यास लगती है... उसका बेटा कहता है कि माताश्री माताश्री मुझे जोरदार प्यास लग रही है तो यामिनी चारों तरफ दिशाओ में गौर कर रही थी कि केही जल का स्त्रोत मिलेगा की नहीं ?

​जैसे ही रानी यामिनी तरफ तरफ दिशाओं में गौर करती है तो बगल मे से थोड़ा एक तालाब मिलती है ... . तो रानी यामिनी अपने बेटे से कहती है कि देखो पुत्र देखो यह रहा तालाब .. तुम्हारी प्यास बुझेगी..जाओ पी लो पानी.. मैं येही हू.. तो केशव घोड़ा से नीचे उतर के बगल तालाब के पास जाकर पानी पी के अपनी प्यास बुझाता है.. जैसे ही प्यास बुझाने के बाद एक तांत्रिक भैरव नाम का तांत्रिक यात्रा करते करते सामने आ जाता है.. और तांत्रिक भैरव बाबा की नजर रानी यामिनी के ऊपर पड जाती है..

​तांत्रिक बाबा उनकी सुंदरता देके काफी चकीत आकर्षित हो जाता है.. घूरता है और बोलता है कि वाह सुन्दरी वाह .. कितना सुंदरी है ये रानी!! .. अती सुन्दर .. "काश यह रानी मेरी होती… तो उसका राज्य, उसकी शक्ति, सब मेरे अधीन होते…" एक सपना देखता है..

​और यह बात यामिनी के बेटे केशव सुनके बहुत ही क्रोध हो जाता है कहता है कि... खबरदार अगर मेरी मां के बारे में एक भी गलत शब्द असभ्यता शब्द का दोबारा प्रयोग किया तो तुम्हारी जुबान काट लूँगा ..

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